सुना है कोई है नही तुम्हारे पास मन बहलाने को,
मेरे ठोकरें खाने से भी कुछ लोगो को दिक्कत है,
जिससे हद से ज़्यादा प्यार करो, वो प्यार की क़द्र नहीं करता।
मुलाकाते जरूरी है अगर रिश्ते निभाने हो,
यहां सीने से लगाकर, लोग दिल निकाल लेते है…!
पर किसी के सामने टूटने की हिम्मत नहीं होती।
रिश्तों की भीड़ में सबसे अकेले हम ही रहे,
अब तो ख्वाबों में आना छोड़ दो अब कहां हम साथ हैं,
ज़िंदगी के दरख़्त Sad Shayari in Hindi पर कुल्हाड़ी के वार हैं…!
जब मेरे ज़ख़्मों की कहानी सिर्फ़ मैं ही जानता हूँ।
इश्क़ करने वालों को दुआ क्यों नहीं मिलती?
आँसू भी तड़प के बोले — “तुझसे क्या छुपाएं,
यूँ भरी महफ़िल में तमाशा ना बनाया करो।
कब तक तेरे इश्क़ का बोझ उठा कर रोता रहूँ,